सूरज शुक्ल
ऊंचाहार रायबरेली । पहले तो शिकायत कर्ताओं को प्रलोभन दिया गया,रिश्तेदारी निकाली गई और फिर भी बात नहीं बनी तो जान से मरवा देने की धमकी पर उतर आया ग्राम पंचायत सचिव ,पीड़ित ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की है ।
मामला है ऊंचाहार विकास खंड की सवैया राजे का ,जहां के ग्रामीणों ने शपथ पत्र के साथ ग्राम प्रधान रजनी देवी ,प्रधान पति चंदिका, व ग्राम पंचायत सचिव पर ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किए जाने और बिना कार्य करवाए सरकारी धन निकाल लेने के गंभीर आरोप लगाए थे।
मामले को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया और पूरे प्रकरण में जांच टीम गठित कर दी ।
प्रकरण की जांच के लिए खंड विकास अधिकारी ऊंचाहार ने शिकायत कर्ताओं को पत्र देकर अवगत कराया कि 2 जून को पंचायत सचिवालय पर दस्तावेजों के साथ वे उपस्थित हों जहां जांच टीम जांच करने आएगी ।
खंड विकास अधिकारी के पत्र के अनुपालन में शिकायत कर्तागण सचिवालय उपस्थित हुए लेकिन वहां जांच टीम नहीं पहुंची ,पहुंचे तो ग्राम पंचायत सचिव शिवेंद्र सिंह ।
आरोप है कि पंचायत सचिव शिवेंद्र सिंह ने शिकायत कर्तागण से सादे कागज पर उनके हस्ताक्षर मांगे और कहा अपनी शिकायत वापस ले लो इसपर शिकायत कर्तागण ने इसका विरोध किया ,आरोप के मुताबिक इसपर ग्राम पंचायत सचिव आग बबूला हो गए और कहा कि मेरी पकड़ सीधा मुख्यमंत्री से है , मेरा तो स्थानांतरण हो गया है किसी तरह 2 ,4 लाख खर्च करके जांच तो करवा ही लूंगा लेकिन तुम्हे जिंदा नहीं छोडूंगा ,गायब करवा दूंगा ।
डरे सहमे पीड़ित ने मामले की शिकायत पुनः जिलाधिकारी से पत्र भेजकर की है ।
इनसेट
क्या कहते हैं पंचायत सचिव ?
ऊंचाहार । सवैया राजे ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार प्रकरण पर तत्कालीन पंचायत सचिव शिवेंद्र सिंह ने बताया कि उनका ऊंचाहार से अमावा विकास खंड के लिए स्थानांतरण हो चुका है ,अब उन्होंने अमावा ज्वाइन भी कर लिया है । प्रकरण में बीती 2 जून को मै सवैया राजे ग्राम पंचायत सचिवालय गया था यह बात सत्य है किंतु शिकायत कर्ता गणों को धमकाने की बात पूर्णतः गलत है ।मैने कहा था कि यदि वे चाहें तो स्वेच्छा से शिकायत वापस ले सकते हैं ।
क्या बोले खंड विकास अधिकारी ?
ऊंचाहार रायबरेली । मामले में ऊंचाहार के खंड विकास अधिकारी सुनील सिंह ने बताया कि शिवेंद्र सिंह अब हमारे यहां कार्यरत नहीं हैं ,अगर उन्होंने शिकायत कर्ताओं को धमकाया है तो उनका व्यक्तिगत मामला है ।बाकी रही भ्रष्टाचार की जांच की बात तो उसके लिए जिलाधिकारी रायबरेली द्वारा जांच टीम गठित है ,वही जांच करेगी ।
