न्यायालय के आदेश पर सीएससी संचालक जालसाज पुत्र व पिता सहित अन्य पर मामला दर्ज

Sara Samay News

सीएचसी संचालक और उसके पिता ,साथियों के विरुद्ध एससीएसटी एक्ट सहित संबंधित धाराओं में दर्ज हुआ मामला

सारा समय न्यूज नेटवर्क 

ऊंचाहार रायबरेली । दलित बुजुर्ग के साथ जालसाजी करके उसके खाते से पैसा निकलवाकर हड़प करने व जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करके गाली गलौज करने के मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने एससीएसटी एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया है ।

मामला कोतवाली क्षेत्र के बंधवा मजरे अरखा गांव का है ।

गांव निवासी पीड़ित शत्रुघ्न को जब पुलिस से न्याय नहीं मिला तो उसने न्यायालय की शरण ली ।पीड़ित ने न्यायालय को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि अरखा सादे की बाजार मजरे अरखा निवासी सावन पाल बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा पंचायत ऊंचाहार देहात की फ्रेंचायजी लेकर सहज जन सेवा केंद्र  अरखा में उसका संचालन करता है। पीड़ित ने बताया कि उसका खाता स्टेट बैंक की उमरन शाखा में है लेकिन प्रायः लेन देन के लिए वह उक्त सहज की फ्रेंचायजी से ही करता था ।

एक दिन जब वह फ्रेंचायजी लेनदेन करने गया तो फ्रेंचायजी संचालक सावन ने कहा कि अपना खाता मेरी बैंक में ट्रांसफर करवा लो तो लेनदेन में आसानी होगी ।पीड़ित ने उसपर विश्वास किया और उसके खाते से 1लाख 30 हजार रुपए फ्रेंचाइजी संचालक के खाते में ट्रांसफर हो गए  और बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में महज 5हजार रुपए जमा किए गए बाकी 1लाख 25 हजार रुपए जालसाजी करके हड़प कर लिए गए 

उसके बाद पीड़ित ने अपने खाते में विभिन्न तिथियों में जमा 75 हजार रुपए जमा की एफ डी कराई ।

अत्यधिक विश्वास होने के कारण लेनदेन की विशेष जानकारी भी नहीं की ।

बाद में उसे पैरालाइज का अटैक पड़ा ।कुछ दिन बाद वह अपने खाते से 2 हजार रुपए निकालने गया तो फ्रेंचायजी संचालक उपरोक्त ने कहा कि तुम्हारे खाते में मात्र 880 रुपए हैं ।

पीड़ित ने जब अपनी पासबुक मांगी और पिछले लेनदेन के बारे में पूछा तो आरोप है कि फ्रेंचायजी संचालक ने पीड़ित से अभद्रता करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालीगलौज की और बड़ी मुश्किल में पासबुक दी ।

पीड़ित के मुताबिक जब वह घर गया तो फ्रेंचायजी संचालक के पिता राधेश्याम पाल  अपने साथियों के साथ पीड़ित के घर पहुंच गए और गालीगलौज के साथ मारपीट पर भी आमादा हो गए और जान से मार देने की धमकी भी दी ।

प्रकरण को न्यायायल ने गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस को मामला दर्ज करने के आदेश दिए ।न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने एससीएसटी एक्ट सहित संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया है ।

पुलिस का कहना है कि प्रकरण की विवेचना प्रचलित है।

error: Content is protected !!