अवैध हॉस्पिटल और क्लीनिक की हुई जांच किंतु कार्यवाही में आखिर हीलाहवाली क्यों ?

Sara Samay News

जनपद में लगातार बढ़ रही घटनाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग संजीदा नहीं

ऊंचाहार के हर्ष हॉस्पिटल और अरखा के शिवांग पाली क्लीनिक का मामला लगातार पकड़ रहा तूल।।

सूरज शुक्ल
ऊँचाहार रायबरेली । जनपद के विभिन्न हिस्सों में अवैध क्लीनिक ,हॉस्पिटल संचालक बड़ी बड़ी घटनाओ को अंजाम दे रहे हैं और जिम्मेदार कार्यवाही करने के बजाय सिर्फ जांच का झुनझुना पकड़ा कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ले रहे हैं। ।
ठीक ऐसा ही मामला ऊंचाहार का है ।
ऊंचाहार के हर्ष हॉस्पिटल जो कि बिना नवीनीकरण के चल रहा है उसमें एक महिला का पेट का ऑपरेशन गलत तरीके से कर दिया गया और इसके एवज में लगभग एक लाख 70 हजार वसूल लिए गए और बिना रेफर पेपर दिया मरीज को हॉस्पिटल से हटा दिया गया ।मामले को लेकर परिजनों ने हंगामा किया जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत सीएचसी अधीक्षक ऊंचाहार ,जिलाधिकारी रायबरेली ,पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की किंतु महज जांच करके अपने कर्तव्यों की कार्यवाही की इतिश्री कर ली ।आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि उक्त हॉस्पिटल का बेसमेंट में संचालित होना बताया गया है ।

दूसरा मामला : क्षेत्र के अरखा लखनऊ प्रगराज राजमार्ग पर बेहिचक बिना रजिस्ट्रेशन शिवांग क्लीनिक संचालित है जिसमें मरीजों को भर्ती करके उनको ड्रिप चढ़ाई जा रही थी प्रकरण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो स्थानीय जिम्मेदारों सहित संबंधित अधिकारियों के हांथ पांव फूल गए ।
इस मामले का संज्ञान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 नवीन चंद्रा ने लिया जिनके निर्देश पर पहले तो सीएचसी अधीक्षक डॉ मनोज शुक्ल ने क्लीनिक संचालक को नोटिस दी और फिर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने नोडल अधिकारी डॉ0 अंबिका प्रकाश को जांच कार्यवाही के लिए भेजा इन्होंने भी क्लीनिक संचालक को महज नोटिस देकर क्लीनिक संचालन न करने के निर्देश दिए ।
दोनों ही नोटिस पर क्लीनिक संचालक ने कोई जवाब नहीं दिया बल्कि शिफारिश में जगह जगह हाथ पैर मरने लगे ।लगभग दो सप्ताह के ऊपर का समय बीत रहा है ।
सूत्र बताते हैं कि क्लीनिक संचालक और हॉस्पिटल संचालक दोनों की किसी बड़े अधिकारी से सांठ गांठ हो गई है जिसकी वजह से दोनों ही प्रकरणों में कोई कार्यवाही नहीं हो रही है और लगातार क्लीनिक संचालित है ।
हालांकि इस बात की सारा समय पुष्टि नहीं करता है ।
लेकिन जनपद में झोलाछाप डॉक्टरों और बिना रजिस्ट्रेशन वाले हॉस्पिटलों की लापरवाही से हो रही मौतों को लेकर स्वास्थ्य विभाग कितना संजीदा है ये तो आप उक्त दोनों मामलों से समझ सकते हैं ।

क्या कहते हैं जांच अधिकारी ?

सारा समय न्यूज नेटवर्क
रायबरेली । ऊंचाहार के शिवांग पाली क्लीनिक और हर्ष हॉस्पिटल के मामले में जब नोडल अधिकारी व डिप्टी सीएमओ डॉ0 अंबिका प्रकाश से बात की गई तो उन्होंने बताया कि संचालक को नोटिस दी है और संचालन पर रोक लगाई गई ।आगे की जानकारी मै कल दे पाऊंगा ।।

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